हिस्ट्रीशीटर डेनिश बावरिया हत्याकांड: 50 हजार का इनामी मुख्य आरोपी दीपक मालसरिया Deepak Malsaria गिरफ्तार
जयपुर में भिखारी के वेश में छिपा था आरोपी, कोतवाली पुलिस की बड़ी कामयाबी
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झुंझुनूं : हिस्ट्रीशीटर डेनिश बावरिया (Dennis Bawaria) हत्याकांड में कोतवाली पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले के मुख्य आरोपी व 50,000 रुपये के इनामी दीपक मालसरिया को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी लंबे समय से फरार था और पहचान से बचने के लिए जयपुर में मंदिर के सामने भिखारी का वेश बनाकर जीवनयापन कर रहा था।
भिखारी बनकर काट रहा था फरारी
पुलिस जांच में सामने आया कि फरारी के दौरान आरोपी दीपक मालसरिया के पास आर्थिक संसाधन खत्म हो चुके थे। वह खोले के हनुमान जी मंदिर के सामने फटे-पुराने कपड़े पहनकर, आधे बाल मुंडवाकर, हाथ में कटोरा लिए भीख मांग रहा था। मंदिर आने-जाने वाले श्रद्धालुओं से रोटी और चिल्लर मांगकर गुजारा कर रहा था।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में कार्रवाई
यह सफलता बृजेश ज्योति उपाध्याय आईपीएस, पुलिस अधीक्षक जिला झुन्झुनू, के निर्देशन में मिली।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) देवेन्द्र सिंह राजावत आरपीएस के मार्गदर्शन और वृताधिकारी गोपाल सिंह ढाका आरपीएस के सुपरविजन में पुलिस निरीक्षक श्रवण कुमार नील, थानाधिकारी कोतवाली झुन्झुनूं, मय टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया।
कैसे खुला आरोपी का ठिकाना
तकनीकी सहयोग और मुखबिर तंत्र के जरिए सूचना मिली कि फरार आरोपी दीपक मालसरिया के पास फरारी के लिए पैसे नहीं हैं और वह जयपुर में मंदिर के सामने भीख मांग रहा है।
सूचना को विकसित करते हुए पुलिस टीम ने दो दिन तक रैकी की, आसपास के भिखारियों से पूछताछ की और पुष्टि होने पर आरोपी को दस्तयाब कर गिरफ्तार कर लिया।
क्या है पूरा मामला: डेनिश बावरिया हत्याकांड
दिनांक 19 अक्टूबर 2025 की शाम पीरू सिंह सर्किल, झुन्झुनूं से पटाखों और करीब 3 लाख रुपये लेकर स्कॉर्पियो वाहन से चुडेला गांव की ओर जाते समय पीड़ित पक्ष पर तीन कैम्पर वाहनों से सुनियोजित हमला किया गया।
आरोपियों ने टक्कर मारकर गाड़ी रोकी, पीड़ित को बंदूक की नोक पर उतारकर लोहे की पाइपों व सरियों से बेरहमी से पीटा, अपहरण कर रसोडा गांव के जोहड़ में फेंक दिया।
इलाज के दौरान जयपुर के एसएमएस अस्पताल में डेनिश बावरिया की मौत हो गई, जिसके बाद मामला हत्या में तब्दील हुआ।
लूट और जानलेवा हमला
हमले के दौरान आरोपियों ने सोने की चैन, चांदी की अंगूठी, वाहन में रखे 3 लाख रुपये और पटाखे लूट लिए। पीड़ित को मरा समझकर छोड़ दिया गया था। बाद में स्थानीय लोगों की मदद से उसे अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन जान नहीं बच सकी।
पुलिस की सतर्कता से गिरफ्तारी
लगातार दबिश, ठिकानों पर शिकंजा और आसूचना नेटवर्क के दबाव में आरोपी अपने स्थायी ठिकाने छोड़ने को मजबूर हुए। इसी रणनीति का नतीजा रहा कि मुख्य आरोपी दीपक मालसरिया को अंततः जयपुर से गिरफ्तार किया जा सका।
निष्कर्ष
डेनिश बावरिया हत्याकांड में मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी से पुलिस को अहम बढ़त मिली है। कोतवाली पुलिस की यह कार्रवाई दर्शाती है कि कानून से भागना मुश्किल है, चाहे आरोपी भिखारी का वेश ही क्यों न बना ले।
