Rajasthan Roadways Bus Depo Jhunjhunu झुंझुनूं डिपो के 24 कर्मचारी निलंबित : फर्जी हाजिरी लगाकर 89 लाख का वेतन घोटाला

Jhunjhunu News झुंझुनूं रोडवेज डिपो के मुख्य-प्रबंधक समेत 24 कर्मचारी सस्पेंड: तीन साल से 16 कर्मचारी बिना ऑफिस आए उठा रहे थे सैलरी, 89 लाख का वेतन घोटाला

झुंझुनूं : राजस्थान रोडवेज ने झुंझुनूं डिपो के मुख्य प्रबंधक समेत 24 कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है। इनमें से 16 कर्मचारी तीन साल से सिर्फ कागजों में ही काम कर रहे थे। ये कर्मचारी बिना ऑफिस आए और काम किए बिना फर्जी अटेंडेंस लगाकर वेतन उठा रहे थे। जांच कमेटी ने माना कि मुख्य प्रबंधक गणेश शर्मा की मिलीभगत से यह घपला हो रहा था। 89 लाख के वेतन घोटाले का अनुमान है। गणेश शर्मा को निलंबित कर गिरिराज स्वामी को झुंझुनूं डिपो का मुख्य प्रबंधक नियुक्त किया गया है।

राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम की अध्यक्ष शुभ्रा सिंह ने बताया- झुंझुनूं डिपो के 16 कर्मचारी लंबे समय से गैरहाजिर चल रहे थे। काम किए बिना वेतन उठा रहे थे। इसकी जांच की गई। प्राथमिक जांच के बाद फैक्ट्स की जांच की गई। इसमें मौजूदा प्रबंधक और विभिन्न पदों पर कार्यरत कर्मचारी दोषी पाए गए। मुख्य प्रबंधक सहित 24 कर्मचारियों को सस्पेंड किया गया है।

जोनल मैनेजर को कारण बताओ नोटिस दिया गया है। वर्ष 2020 से वर्तमान तक झुंझुनूं डिपो में कार्यरत रहे सभी प्रबंधकों को आरोप पत्र (16 सीसीए) जारी करने का फैसला लिया। रिटायर हुए 7 कर्मचारियों को भी आरोप पत्र जारी किए गए।

झुंझुनूं डिपो के निवर्तमान मुख्य प्रबंधक गणेश शर्मा।

इन्हें किया निलंबित

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झुंझुनूं डिपो के मुख्य प्रबंधक गणेश शर्मा, प्रबंधक (यातायात), प्रबंधक (संचालन), प्रबंधक (लेखा), प्रबंधक (प्रशासन), एक यातायात निरीक्षक, 11 कंडक्टर, 5 ड्राइवर, एक वरिष्ठ सहायक और एक कनिष्ठ सहायक शामिल हैं। निलंबन काल में सभी का वेतन जब्त किए जाने के आदेश भी दिए हैं।

जयपुर से 21 मई को टीम आई थी। आज मुख्य प्रबंधक समेत 24 कर्मचारियों को सस्पेंड किया गया है।

डिपो में 89 लाख से अधिक का वेतन घोटाला


जानकारी के अनुसार- रोडवेज को झुंझुनूं डिपो में फर्जीवाड़े की लगातार शिकायत मिल रही थीं। मई 2024 में जयपुर स्थित भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) में झुंझुनूं डिपो में फर्जीवाड़े की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। ACB ने रोडवेज मुख्यालय को जांच की जिम्मेदारी सौंपी थी।

इसके बाद रोडवेज प्रशासन ने विभागीय जांच की। इसमें खुलासा हुआ कि कई कर्मचारी लंबे समय से ड्यूटी से गायब थे और फर्जी अटेंडेंस लगाकर वेतन उठा रहे थे। निवर्तमान प्रबंधक गणेश शर्मा पर आरोप था कि उनके कार्यकाल में यह फर्जीवाड़ा पनपा और बेरोकटोक चलता रहा।

जांच करने वाली टीम को 89 लाख के वेतन घोटाले का अनुमान है। मामले की जांच के लिए रोडवेज मुख्यालय ने एक उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित की थी। इसमें संभागीय प्रबंधक अवधेश शर्मा और सहायक संभागीय प्रबंधक उमेश नागर शामिल थे। यह जांच कमेटी 21 मई 2025 को जयपुर से झुंझुनूं पहुंची थी। टीम ने करीब 11 घंटे तक गहन पड़ताल की, जिसमें कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और 17 कर्मचारियों के रिकॉर्ड जब्त किए थे।

जांच के लिए 21 मई को संभागीय प्रबंधक अवधेश शर्मा और सहायक संभागीय प्रबंधक उमेश नागर झुंझुनूं डिपो पहुंचे थे।

झुंझुनूं डिपो के मुख्य प्रबंधक गणेश शर्मा चार साल में दूसरी बार इस पद पर नियुक्त हुए थे। उन्होंने फरवरी 2024 में दोबारा कार्यभार संभाला था। उनके दोबारा कार्यभार संभालने के कुछ ही समय बाद यह शिकायत दर्ज की गई। इससे पहले भी इसी डिपो में कर्मचारियों पर फर्जी हाजिरी और वेतन गबन के आरोप थे।