PNB बैंक शाखा में गोल्ड लोन स्कैम मामला
PNB नवलगढ़ फर्जी गोल्ड लोन घोटाले का पर्दाफाश, पूर्व बैंक मैनेजर व बीसी संचालक गिरफ्तार
झुंझुनूं : पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की नानसा गेट शाखा, कस्बा नवलगढ़ में सामने आए करोड़ों रुपये के गोल्ड लोन घोटाले को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह गंभीर नजर आ रहा है। इसी कड़ी में बृहस्पतिवार को जिला पुलिस अधीक्षक बृजेश ज्योति उपाध्याय आईपीएस ने बैंक परिसर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया।
PNB Bank Gold loan नवलगढ़ में बड़ा गोल्ड स्कैम: असली गहनों की जगह नकली मिलने से हड़कंप
मौके पर उपस्थित अधिकारियों व बैंककर्मियों से घटना के संबंध में विस्तृत जानकारी ली गई। साथ ही, प्रकरण की निष्पक्ष व प्रभावी जांच सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि गोल्ड लोन घोटाले में शामिल दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
झुंझुनूं : पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की नवलगढ़ शाखा में हुए करीब 6 करोड़ रुपये से अधिक के फर्जी गोल्ड लोन घोटाले का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। मामले में मुख्य आरोपी पूर्व बैंक मैनेजर अमित जांगिड़ और बैंक में बीसी (बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट) का कार्य करने वाले संतोष सैनी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने फर्जी खाताधारकों के नाम पर गोल्ड लोन खाते खोलकर, असली सोना बैंक के स्ट्रॉन्ग रूम से गायब कर उसकी जगह नकली आभूषण रख दिए।
शेयर मार्केट में 2.5 करोड़ का नुकसान, घोटाले की बनी वजह
जांच में खुलासा हुआ है कि पूर्व बैंक मैनेजर अमित जांगिड़ को शेयर मार्केट में करीब 2.5 करोड़ रुपये का भारी नुकसान हुआ था। इसी नुकसान की भरपाई के लिए उसने बैंक की व्यवस्था का दुरुपयोग कर गोल्ड लोन घोटाले की साजिश रची।
मथुरा से गिरफ्तारी, आत्महत्या का प्रयास
मुख्य आरोपी अमित जांगिड़ को पुलिस ने मथुरा (उत्तर प्रदेश) से दस्तयाब किया। गिरफ्तारी के दौरान उसने रेल के आगे कूदकर आत्महत्या करने का प्रयास भी किया, लेकिन पुलिस की सतर्कता से उसे बचा लिया गया।
डकैती की साजिश, 20 लाख एडवांस
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने बैंक में डकैती डलवाने की साजिश रची थी।
• डकैती के लिए 20 लाख रुपये एडवांस दिए गए थे
• डकैती के जरिए असली सोना और DVR गायब करने की योजना थी
• हालांकि, इससे पहले ही पुलिस ने पूरे मामले का पर्दाफाश कर दिया।
महिला मित्र के नाम से भी लिया गया गोल्ड लोन
जांच में सामने आया है कि अमित जांगिड़ ने अपनी महिला मित्र के नाम पर बैंक से सोना निकलवाकर अन्य बैंकों में गिरवी रख गोल्ड लोन भी ले रखा था। इसके अलावा, सहयोगियों के माध्यम से अन्य बैंकों में भी असली सोना रखकर लोन लिया गया।
अकूत संपत्ति का खुलासा
पुलिस जांच में आरोपी अमित जांगिड़ के पास से अकूत संपत्ति होने की पुष्टि हुई है, जिसमें—
• 2 महंगी कारें और 1 बुलेट बाइक
• सीकर के पॉश इलाके में तीन मंजिला निर्माणाधीन मकान
• गांव में 100 से अधिक देशी-विदेशी नस्ल की गायों का डेयरी फार्म
• 2 पिकअप वाहन
• पत्नी के नाम से गुढ़ा क्षेत्र में जमीन
वहीं, केवल 5 हजार रुपये की नौकरी करने वाले बीसी संचालक संतोष सैनी के पास भी कई दुकानें, प्लॉट और मकान पाए गए हैं।
सोना गायब कर नकली ज्वैलरी रखने का तरीका
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने
• फर्जी खाताधारकों के नाम से ऑनलाइन खाते खुलवाए
• OTP बैंक के अंदर ही प्राप्त कर लोन राशि निकाली
• बैंक के गोल्ड पैकेट से असली सोना निकालकर नकली सोना रखा
असली सोने को अन्य बैंकों में गिरवी रखकर लोन लिया
एसपी के निर्देशन में हुआ खुलासा
इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक बृजेश ज्योति उपाध्याय (IPS) के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र सिंह राजावत (RPS) और वृत्ताधिकारी महावीर सिंह (RPS) के सुपरविजन में नवलगढ़ थाना पुलिस व डीएसटी टीम ने कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।
तीन आरोपियों के खिलाफ दर्ज हुआ केस
मामले में तत्कालीन बैंक मैनेजर अमित जांगिड़, बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट (BC) संतोष कुमार सैनी और डिप्टी मैनेजर अनंतप्रकाश चौधरी के खिलाफ नवलगढ़ थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद से ही पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी।
झुंझुनूं जिले में चर्चित इस घोटाले को लेकर नवलगढ़ पुलिस लगातार सख्त एक्शन मोड में है। पूरी कार्रवाई झुंझुनूं पुलिस अधीक्षक बृजेश ज्योति उपाध्याय (IPS) के नेतृत्व में की जा रही है।
अन्य संदिग्ध भी जांच के दायरे में
पुलिस जांच में यह संकेत मिले हैं कि इस गोल्ड स्कैम में अन्य लोगों की भूमिका भी हो सकती है। ऐसे में आने वाले समय में और भी गिरफ्तारियां या हिरासत संभव मानी जा रही हैं।
