Rajasthan Roadways रोडवेज बस डिपो पर कार में बम की सूचनाः दिल्ली ब्लास्ट के बाद मॉकड्रिल, तलाशी ली तो मिला एक मोबाइल

Rajasthan Roadways Bus Depo रोडवेज बस डिपो पर कार में बम की सूचनाः दिल्ली ब्लास्ट के बाद मॉकड्रिल, तलाशी ली तो मिला एक मोबाइल

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सीकर, दिल्ली के लाल किले के पास हाल ही में हुए ब्लास्ट की घटना को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन सीकर द्वारा शुक्रवार को रोडवेज बस डिपो परिसर में मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। ड्रिल में यह परिदृश्य तैयार किया गया कि रोडवेज बस डिपो पर खड़ी एक गाड़ी में बम होने की आशंका है।

विभागीय तैयारी का मूल्यांकन

मॉकड्रिल में जिला प्रशासन, पुलिस, चिकित्सा विभाग, सिविल डिफेंस, होमगार्ड, अग्निशमन दल सहित सभी संबंधित विभागों ने सहभागिता करते हुए आपातकालीन स्थिति में अपनी प्रतिक्रिया, समन्वय एवं तत्परता का सफल प्रदर्शन किया। इस अभ्यास का उद्देश्य आपदा प्रबंधन में विभिन्न विभागों की तैयारियों का मूल्यांकन करना था।

शुक्रवार दोपहर 2 बजे उपखण्ड अधिकारी निखिल पोदार द्वारा कंट्रोल रूम मैं उपस्थित कार्मिक अजय महला को सीकर बस डिपो पर बम होने की सूचना दी गई। कंट्रोल रूम ने तत्काल जिला कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को अवगत कराया, जिसके बाद पुलिस, एम्बुलेंस, सिविल डिफेंस, अग्निशमन, होमगार्ड, एनसीसी, एनएसएस, स्काउट, एक्स-आर्मी एवं मेडिकल टीमें निर्धारित समय में घटनास्थल पर पहुँच गईं।

मॉक ड्रिल को लेकर कलेक्टर ने क्या कहा

जिला कलेक्टर मुकुल शर्मा ने कहा कि दिल्ली में हुई घटना के बाद यह मॉकड्रिल आयोजित की गई है। ऐसी मॉकड्रिल समय-समय पर आयोजित की जानी चाहिए ताकि आमजन में जागरूकता बढ़े। उन्होंने अपील की कि कोई भी लावारिस वस्तु या बैग मिलने पर उसे न छुएँ तथा तुरंत प्रशासन या पुलिस को सूचना दें। उन्होंने बताया कि धार्मिक नगरी खाटूश्यामजी में प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु आते हैं, ऐसे में वहाँ भी सतर्कता आवश्यक है।

पुलिस अधीक्षक प्रवीण नायक नूनावत ने बताया कि सूचना मिली थी कि रोडवेज बस डिपो में खड़ी एक ऑल्टो कार में विस्फोटक सामग्री होने की आशंका है। सूचना पर पुलिस, बम निष्क्रियकरण दस्ता एवं डॉग स्क्वायड मौके पर पहुँचे।

तलाशी के दौरान मिला टिफिन और मोबाइल

पुलिस अधीक्षक प्रवीण नायक नूनावत के अनुसार, संदिग्ध कार की तलाशी लेने पर एक टिफिन और एक मोबाइल बरामद हुआ। दिल्ली की घटना को देखते हुए इस मॉकड्रिल को बेहद महत्वपूर्ण माना गया, क्योंकि इससे सुरक्षा एजेंसियों की कार्यप्रणाली और रिस्पांस क्षमता को परखा जा सका।