Leopard Attack खेतड़ी क्षेत्र में तेंदुए का आतंक: घर में सो रहे युवक पर हमला, भाई भी गंभीर घायल
झुंझुनूं (राजस्थान) : खेतड़ी क्षेत्र के राजोता ग्राम पंचायत क्षेत्र में शुक्रवार देर रात जंगली जानवर के हमले की दो अलग-अलग घटनाओं से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। एक ओर घर में सो रहे किसान पर पैंथर ने हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया, वहीं दूसरी ओर खेत में पालतू कुत्ते को भी जंगली जानवर ने बुरी तरह जख्मी कर दिया। ढाणी लगरिया वाली गांव में रात करीब 3.15 बजे किसान गोकुलचंद (50) के घर में पैंथर घुस आया। उसने पहले पलंग पर सो रहे गोकुलचंद के भाई रामअवतार पर हमला किया तो वह जोर-जोर से चिल्लाते हुए रजाई में छुप गया। शोर सुनकर गोकुलचंद कमरे में पहुंचा, तो पैंथर ने उस पर हमला कर दिया।
पैंथर ने गोकुलचंद के हाथों और पैरों पर गंभीर घाव किए। परिजनों के हल्ला मचाने पर पैंथर भाग छूटा। शोर सुनकर ग्रामीण एकत्र होने लगे तो वन्य जीव अंधेरे में पहाड़ी की ओर भाग गया।
सुबह 3 बजे की घटना, ग्रामीणों में दहशत
घटना सुबह करीब 3:00 बजे की बताई जा रही है। जब पूरा गांव गहरी नींद में था, तभी तेंदुआ आबादी क्षेत्र में घुस आया। अचानक हुए हमले से परिवार में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों के शोर-शराबा करने पर तेंदुआ पास के पहाड़ी इलाके की ओर भाग गया।
वन विभाग अलर्ट, मौके पर पहुंची टीम
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग सक्रिय हो गया। रेंजर पवन सिंह शेखावत अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। वन विभाग द्वारा क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है और तेंदुए की मूवमेंट पर नजर रखी जा रही है।
लेपर्ड के हमले से भाई हुआ घायल
तेंदुए के हमले में घायल युवक के भाई को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार करवाया गया । चिकित्सकों के अनुसार युवक की स्थिति स्थिर बताई जा रही है। युवक को छुट्टी दे दी गई है।
ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील
लगातार बढ़ रही तेंदुए की गतिविधियों को देखते हुए वन विभाग ने ग्रामीणों से रात के समय सतर्क रहने, अकेले बाहर न निकलने और मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर रखने की अपील की है। जरूरत पड़ने पर पिंजरा लगाने और अन्य सुरक्षा उपायों पर भी विचार किया जा रहा है।
बढ़ती वन्यजीव गतिविधियां बनी चिंता का विषय
खेतड़ी व आसपास के क्षेत्रों में बीते कुछ समय से तेंदुए की गतिविधियां बढ़ने से ग्रामीणों में भय का माहौल है। वन्यजीवों का आबादी क्षेत्र में आना प्रशासन और वन विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।
