शेखावाटी हस्तशिल्प एवं पर्यटन मेले में झूला झूलते समय बड़ा हादसा: युवक का पैर कटा, जयपुर रैफर

Shekhawati Handicraft and Tourism Fair आबुसर मेले में झूला झूलते समय बड़ा हादसा: युवक का पैर कटा, जयपुर रैफर

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झुंझुनूं। शेखावाटी हस्तशिल्प एवं पर्यटन मेला, आबूसर के अंतिम दिन रविवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। मेले में लगे झूले पर झूलते समय एक युवक का पैर झूले की मशीनरी में फंस गया, जिससे उसके पैर का निचला हिस्सा कट गया। गंभीर रूप से घायल युवक को प्राथमिक उपचार के बाद जयपुर रैफर किया गया है।

झूले पर झूलते समय हुआ हादसा


प्राप्त जानकारी के अनुसार लूणा गांव निवासी 22 वर्षीय अंकित पुत्र योगेंद्र रविवार दोपहर मेले में लगे झूले पर झूल रहा था। इसी दौरान संतुलन बिगड़ने या किसी अन्य कारण से युवक ने अपना बायां पैर झूले के बाहर निकाल दिया। अचानक पैर झूले की मशीनरी की चपेट में आ गया और उसका निचला हिस्सा कट गया।

मौके पर मची अफरा-तफरी


हादसा होते ही मौके पर मौजूद लोगों ने शोर मचाया। झूला संचालक ने तुरंत झूले को रुकवाया। मेले में तैनात अधिकारी और कर्मचारी भी तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। घायल युवक को तुरंत टैक्सी से झुंझुनूं के बीडीके अस्पताल पहुंचाया गया।

मेला प्रशासन की बड़ी लापरवाही आई सामने, एंबुलेंस नहीं होने से टैक्सी में ले जाया गया घायल युवक

शेखावाटी हस्तशिल्प एवं पर्यटन मेला, आबूसर में हुए झूला हादसे के बाद मेला प्रशासन की गंभीर लापरवाही सामने आई है। इतने बड़े और भीड़भाड़ वाले मेले में मौके पर एंबुलेंस की व्यवस्था नहीं होने से घायल युवक को टैक्सी में अस्पताल ले जाना पड़ा, जिससे उसकी हालत और बिगड़ने की आशंका बनी रही।

जयपुर किया गया रैफर


बीडीके अस्पताल में चिकित्सकों ने युवक का प्राथमिक उपचार शुरू किया, लेकिन अत्यधिक रक्तस्राव के चलते उसकी हालत गंभीर बनी रही। डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए युवक को जयपुर रैफर कर दिया।

प्रशासन ने शुरू की जांच


जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र के महाप्रबंधक अभिषेक चोबदार ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि युवक ने झूला झूलते समय अपना पैर बाहर निकाला, जिससे यह दुर्घटना हुई।
प्रशासन की ओर से पूरे मामले की जांच की जा रही है और झूला संचालकों से भी पूछताछ की जा रही है।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल


इस हादसे के बाद मेले में झूलों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि झूलों के संचालन के दौरान सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन होना चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।