देश में पहली बार होगी कृत्रिम वर्षा, जयपुर के रामगढ़ में AI तकनीक से ऐतिहासिक परीक्षण फिलहाल स्थगित
जयपुर: राजधानी के रामगढ़ बांध पर पहली बार कृत्रिम वर्षा कराने की ऐतिहासिक योजना को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है. यह निर्णय मौसम विभाग की ओर से 31 जुलाई को जयपुर में जारी अति भारी वर्षा की चेतावनी के मद्देनजर लिया गया है.
कृत्रिम वर्षा कार्यक्रम गुरुवार दोपहर 3 बजे शुरू होना था, जिसकी तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई थी. यह कार्यक्रम राज्य में पहली बार ड्रोन तकनीक से कृत्रिम बारिश कराने की पहल है, जिसमें क्लाउड सीडिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद ली जा रही है.
योजना के तहत 31 जुलाई से 14 अगस्त तक ट्रायल उड़ानें होनी थीं, जो अब स्थगित कर दी गई है. इस प्रक्रिया में विशेष ड्रोन एयरक्राफ्ट के माध्यम से बादलों में नमक या रसायनों का छिड़काव कर वर्षा करवाई जाती है.
राज्य के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने बुधवार को ‘एक्स’ पर जानकारी दी कि जमवारामगढ़ स्थित रामगढ़ बांध पर क्लाउड सीडिंग के जरिए कृत्रिम वर्षा कराने का कार्यक्रम मौसम विभाग के अलर्ट के कारण स्थगित कर दिया गया है.
उन्होंने बताया कि नया कार्यक्रम जल्द निर्धारित कर उसकी सूचना सार्वजनिक की जाएगी. इस परियोजना को वैज्ञानिक आधार देने के लिए नासा के उपग्रह, भारतीय मौसम विभाग (IMD) के राडार और चलित वेदर स्टेशन सिस्टम की मदद ली जा रही है. इन माध्यमों से मौसम के आंकड़ों का विश्लेषण कर ड्रोन उड़ान और छिड़काव के लिए उपयुक्त समय निर्धारित किया जा रहा है.
