शादी का झांसा देकर 300 लड़कियों को फंसाने वाला ‘लव जिहाद’ गैंग बेनकाब, मुख्य आरोपी गिरफ्तार

कलाई पर कलावा, प्राइवेट वीडियो और 300 शिकार…  ‘लव जिहाद’ रैकेट का खुलासा, पढ़िए खौफनाक दास्तान

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उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां पुलिस ने कथित तौर पर “लव जिहाद” से जुड़े एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है। आरोप है कि मुख्य आरोपी अजफरुल हक उर्फ प्रिंस और उसके गिरोह ने खुद को हिंदू बताकर, कलाई में कलावा पहनकर और शादी व नौकरी का झांसा देकर युवतियों को प्रेमजाल में फंसाया। इसके बाद पीड़िताओं के आपत्तिजनक वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल किया गया और कथित तौर पर देह व्यापार में धकेला गया।


पुलिस के मुताबिक इस पूरे मामले में 300 से अधिक लड़कियों को निशाना बनाए जाने की आशंका जताई जा रही है। रैकेट के तार नेपाल समेत देश के कई राज्यों तक जुड़े होने के आरोप भी लगाए गए हैं। फिलहाल पुलिस ने 8 आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।


प्राइवेट अस्पताल में काम करने वाली युवती बनी शिकार


इस मामले में पीड़ित युवती बस्ती के कलवारी थाना क्षेत्र की रहने वाली बताई जा रही है। वह बस्ती शहर के एक प्राइवेट अस्पताल में काम करती थी। पीड़िता के अनुसार जनवरी 2022 में उसकी मुलाकात अजफरुल हक उर्फ प्रिंस से हुई थी।

आरोप है कि आरोपी ने शुरुआत में खुद को हिंदू बताया और सहानुभूति दिखाकर भरोसा जीतने की कोशिश की। धीरे-धीरे उसने बातचीत बढ़ाई और बेहतर नौकरी दिलाने का लालच देकर युवती को अपने जाल में फंसा लिया। इसी दौरान आरोपी ने पीड़िता का मोबाइल नंबर ले लिया और फिर लगातार संपर्क में रहकर मानसिक दबाव बनाना शुरू कर दिया।

प्यार का नाटक, फिर इमोशनल ब्लैकमेलिंग का खेल


पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने पहले प्रेम का दिखावा किया और फिर इमोशनल ब्लैकमेलिंग शुरू कर दी। धीरे-धीरे वह युवती की मजबूरी और भावनाओं का फायदा उठाने लगा।


बताया जा रहा है कि आरोपी ने खुद को “विश्वसनीय” दिखाने के लिए कलाई पर कलावा बांध रखा था ताकि किसी को शक न हो। वह शादी का वादा करता रहा और पीड़िता को भविष्य के सपने दिखाकर अपने करीब लाता गया।


आपत्तिजनक वीडियो बनाकर किया ब्लैकमेल


मामले में सबसे गंभीर आरोप यह है कि आरोपी और उसके साथियों ने युवती के निजी वीडियो बना लिए। इसके बाद वही वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उसे डराया गया।


पीड़िता का दावा है कि वीडियो के जरिए उसे मानसिक रूप से तोड़ा गया और उसकी जिंदगी को नियंत्रण में ले लिया गया। विरोध करने पर धमकियां दी जाती थीं और डर का माहौल बनाकर उसे चुप रहने पर मजबूर किया गया।

देह व्यापार में धकेलने और नेपाल भेजने का आरोप


इस पूरे केस में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि पीड़िताओं को कथित तौर पर देह व्यापार में धकेला गया। आरोप है कि गिरोह की गतिविधियां सिर्फ बस्ती तक सीमित नहीं थीं, बल्कि युवतियों को अलग-अलग राज्यों में भेजा जाता था।
इतना ही नहीं, कुछ पीड़िताओं को नेपाल तक भेजे जाने की भी बात सामने आई है।

पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि यह सिर्फ एक ब्लैकमेलिंग केस है या फिर इसके पीछे संगठित मानव तस्करी का नेटवर्क भी काम कर रहा था।

परिवार को धमकाने और अपहरण की चेतावनी


पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि जब उसने विरोध किया तो आरोपी पक्ष ने उसके परिवार को परेशान करना शुरू कर दिया। परिवार को धमकियां दी गईं और अपहरण तक की चेतावनी दी गई।

इसी डर के कारण कई पीड़िताएं लंबे समय तक शिकायत दर्ज नहीं करा पाईं। पुलिस का मानना है कि इसी वजह से आरोपी इतने समय तक बचता रहा और कई अन्य युवतियां भी इसके जाल में फंसती चली गईं।

पुलिस की कार्रवाई: 8 के खिलाफ FIR, मुख्य आरोपी गिरफ्तार


पुलिस ने इस मामले में 8 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। मुख्य आरोपी अजफरुल हक उर्फ प्रिंस को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। वहीं अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।


पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच तेजी से चल रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।