Nexa Evergreen से भी बड़ा घोटाला: XPO Company ने 3100 करोड़ ठगे
राजस्थान के भरतपुर और झुंझुनूं में XPO.ru नामक फर्जी निवेश प्लेटफॉर्म ने क्रिप्टोकरेंसी व फॉरेक्स के नाम पर करीब 3,100 से 3,500 करोड़ रुपये की ठगी की, जिसमें देशभर के 3 लाख से अधिक लोग फंस गए।
XPO घोटाला
यह स्कैम जयपुर से नवंबर 2022 में शुरू हुआ, खुद को रूस आधारित बताकर उच्च लाभ, बोनस व रेफरल कमाई का लालच दिया। मुख्य आरोपी संदीप सिगर दुबई से संचालित कर रहा था।
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झुंझुनूं में XPO कंपनी से जुड़े निवेश घोटाले की जांच में विजय मौर्य, पूर्व सरपंच सुरेंद्र बरवड़ और सुरेंद्र सैनी के नाम सामने आए हैं। पुलिस का कहना है कि यह कंपनी का फंड फ्लो, खातों, नेटवर्क और निवेश पैटर्न की व्यापक जांच कर रही है ताकि घोटाले के बड़े स्तर का पता लगाया जा सके।
यह घोटाला नेक्सा एवरग्रीन जैसे पैटर्न पर आधारित बताया जा रहा है जिसमें लोगों को जल्दी मुनाफे का झांसा देकर करोड़ों रुपए निवेश करवाए गए थे। मौर्य और पूर्व सरपंच बरवड़ के अलावा सुरेंद्र सैनी का नाम भी प्रमोटर या निवेशकों को जोड़ने वाले के रूप में जांच में शामिल किया गया है। पुलिस इस पूरे नेटवर्क को कई जिलों में फैला हुआ मान रही है और बड़ी कार्रवाई की तैयारी में है।
अच्छे रिटर्न का झांसा
एक्सपीओ डॉट कॉम नामक वेबसाइट और मोबाइल एप के जरिए लोगों से निवेश कराते। मामले का खुलासा होने के बाद जिले में कंपनी के बड़े लीडर भूमिगत हो गए हैं। नेटवर्किंग के जरिए ज्यादा से ज्यादा सदस्य बना क्रिप्टो और फॉरेक्स में निवेश के नाम पर हर महीने 15% रिटर्न और 5% विशेष लाभांश का झांसा देकर ठगी करते। पुलिस का मानना है कि 3 साल में 3500 करोड़ से ज्यादा ठगे हैं
झुंझुनू जिले में एक्सपीओ कंपनी ने नेटवर्क की 2022 में शुरुआत की। पिछले दो साल में बड़ी संख्या में युवाओं को इसमें जोड़ा। युवाओं को शामिल करने के लिए मर्सिडीज, फार्च्यनूर, स्कॉर्पियो जैसी महंगी गाड़ियां लेने का सपना दिखाया। जिले में बनाए गए नए लीडरों को मलेशिया, थाइलैंड, यूएई समेत अन्य देशों में सात दिन का विशेष ट्यूर भी कराते थे और उनके वीडियो दिखाकर नए निवेशकों को फंसाते थे।
कंपनी ने 15 से 20 फीसदी रिटर्न हर महीने देने की कई योजना लोगों के सामने रखी। इसमें 42 हजार रुपए निवेश करने पर 6 हजार रुपए हर महीने देने की गारंटी देते थे। नए सदस्य बनाने पर 5 फीसदी अतिरिक्त लाभांश दिया जा रहा था। सबसे बड़ी चौंकानें वाली बात यह है कि जिले में अरबों रुपए का निवेश लेकर जाने के बावजूद कंपनी ने यहां कार्यालय तक नहीं खोला। सोशल मीडिया नेटवर्क के जरिए नए लोगों को फंसाया जा रहा था।
